Tuesday, June 2, 2026
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2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में भाजपा और कांग्रेस ,दोनों दल कमज़ोर प्रदेश अध्यक्षों को और प्रभारियों के बजाय सही नेताओं को बैठाने की तैयारी शुरू की, भाजपा ने चार राज्यों के अध्यक्ष बदले गए अब कांग्रेस भी अपने तैयारी तेज की

भाजपा ने अपने चार राज्यों के अध्यक्ष बदल दिए। केंद्रीय मंत्री हर्ष मलहोत्रा को दिल्ली का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है,दूसरे पंजाब जहां अगले लगभग छह माह बाद चुनाव होने हैं,वहां हिंदू सुनील जाखड को हटाकर जट्ट सिख केवल सिंह ढिल्लो को अपना नया अध्यक्ष बनाया है,तीसरा त्रिपुरा में अभिषेक देव राय को अपना नया अध्यक्ष बनाया है,अर्चना गुप्ता को हरियाणा का नया अध्यक्ष बनाया है अब कांग्रेस में भी सूत्र बताते हैं, कि छह राज्यों के अध्यक्ष बदले जायेंगे, सबसे पहले केरल,कर्नाटक,पंजाब, तमिल नाडु,उत्तर प्रदेश और राजस्थान के साथ ही कई राज्यों के प्रभारी भी बदले जायेंगे।फिलहाल पंजाब, कर्नाटक,केरल और तमिल नाडु के ही अध्यक्ष बदले जायेंगे। क्योंकि पंजाब में लगभग छह माह में ही विधान सभा का चुनाव होना है,वैसे भी पंजाब में राजा वेडिंग पंजाब के कांग्रेसी नताओं की गुटबाजी पर अंकुश नहीं लगा पारहे हैं और न ही एक भी बार जनता की समस्याओं को लेकर कोई बड़ा आंदोलन ही खड़ा कर पाए हैं,यही हाल प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ही कुछ कर पा रहे हैं,उनसे कई गुना सही प्रभारी का काम तो रणदीप सिंह सूरजेवाला करते,क्योंकि जब हरियाणा और पंजाब संयुक्त रूप से एक था, तो रणदीप सिंह सूरजेवाला के पिता शमशेर सिंह सूरजेवाला पंजाब के एक बड़े नेता थे रणदीप सिंह सूरजेवाला को पंजाब की अच्छी जानकारी है, वहां प्रभारी और अध्यक्ष दोनों का बदला जाना तय है,डी.के. शिव कुमार चूंकि मुख्य मंत्री बनने जा रहे हैं,तो वहां भी कोई नया अध्यक्ष बनाया जायेगा।केरल और तमिल नाडु मेंभी यही कारण है, बाकी ऐसा लगता है कि राज्य सभा चुनाव के बाद राजस्थान में सचिन पायलट का मामला काफी समय से लटका है और वर्तमान अध्यक्ष का कार्यकाल काफी पहले ही समाप्त हो चुका है,उत्तर प्रदेश में अध्यक्ष और प्रभारी दोनों ही हटाए जायेंगे ,साथ ही उत्तराखंड की प्रभारी कुमारी शैलजा की भी काफी शिकायतें हैछह-छह महीने गायब रहती हैं,अपने प्रदेश हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ मोर्चा लेकर ज्यादा समय हरियाणा में ही देती हैं,वह भी हटाई जा सकती हैं। गोवा के अध्यक्ष अमित पाटकर काफी नौजवान थे, लेकिन उनकी काफी शिकायत काफी समय से थी कि वह कार्यकर्ताओं की नहीं सुनते,सीनियर नेताओं को साइड लाइन लगा दिएहैं।सबसे बड़ा आरोप अमित पाटकर पर ये था कि मुख्य मंत्री के बिजनेस पार्टनर हैं,इसीलिए उनके खिलाफ कुछ नहीं करते ,सो उन्हे हटाकर वहां गिरीश चोडंकर को नया अध्यक्ष बनाया गया है-सम्पादकीय-News51.in

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