पंजाब कांग्रेस में राहुल गांधी के विदेश जाते ही राहुल गांधी को किसने समझाया कि कमेटी का गठन जारी कर दिया जाए, लेकिन विधान सभा में विरोधी दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा और प्रदेश अध्यक्ष राजा वेडिंग के हटाए जाने का गलत संदेश जायेगा। जिसे ऐसा लगता है, राहुल ने मान लिया होगा। के.सी. वेणुगोपाल ,अजय माकन और भूपेश बघेल तीनों राहुल गांधी के खास हैं और पंजाब कांग्रेस में सारा खेल उन्ही तीनों का रचा है, जब रात में ही यह तय हो गया था कि कल चरणजीत सिंह चन्नी अपने यहां बैठक करने वाले हैं,57 कांग्रेसी नेताओं में लगभग 40 ने के.सी. वेणुगोपाल को यह सूचित किया कि वह लोग भी बैठक में भाग लेंगे, लेकिन वेणुगोपाल ने तत्काल न तो चरणजीत सिंह चन्नी को समझाया और न ही स्वयंम कोई बैठक को रोकने की कोशिश की ऐसा हर बार क्यों होता है कि हर गडबड़ी के पीछे के. सी. वेणुगोपाल का नाम आता है, एकतरफ जहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिन-रात देश का दौरा करते हैं, वहीं के.सी.वेणुगोपाल राहुल गांधी की परिक्रमा में लगे और चिपके रहते हैं, केरल चुनाव में भारी जीत के बाद के. सी. वेणुगोपाल को मुख्य मंत्री बनाने के लिए 16 दिन तक खेल चला,जब वहां के कार्यकर्ताओं ने वायनाड को अमेठी वाला हाल करने की धमकी दी, तब जाकर वेणुगोपाल को मुख्य मंत्री बनाने का ख्वाब छोड़ना पड़ा, उनकी इसी जिद के कारण कांग्रेस झारखंड और मध्यप्रदेश में जबरन अपना प्रत्याशी थोपने का नतीजा भोगना पडा। पंजाब में भी कार्यकर्ताओं की अनदेखी भारी न पड़ जाए, आप अपने खास लोगों की सुनेंगे या पार्टी कार्यकर्ताओं की, आप को पार्टी चलानी है,इतना सब कुछ समझ कर भी अब तक वेणुगोपाल को संगठन मंत्री बनाए हुए हैं, जब कि वह लगातार आपको धोखे में रखकर पार्टी का नुकसान कर अपने लोगों को मनचाही जगह पर बैठा रहा है, भले वह नेता इसके काबिल न हो, कुल मिलाकर अभी भी समय है, पंजाब को व्यवस्थित कर नेताओं को उनकी काबलियत और व्यक्तिगत क्षमता के अनुरूप उनको काम पर लगाइये। चरणजीत सिंह चन्नी और सुखविंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह को उनकी काबलियत और हैसियत के अनुरूप कार्यों का बंटवारा करिये।और चापलूसों से दूर रहिये ।अजय माकन और के.सी. वेणुगोपाल दोनों चापलूस हैं ।-सम्पादकीय-News51.in
