वो भी क्या दिन थे जब विराट कोहली टीम के कप्तान थे लगातार कई प्रयासों के बाद भी आईपीएल की ट्राफी आर. सी.बी. की ट्राफी नहीं जीत पाई। समय बदला, कप्तान रजत पाटीदार बनाए गए और ऐसक शुरुआत में लगा कि वह मात्र डमी कप्तान हैं असल डोर कोहली के हाथों में ही रहेगी, शुरू में यह कुछ समय तक चला भी, लेकिन फिर रजत पाटीदार और विराट कोहली के बीच बांडिंग बड़ी शानदार हो गई और रजत पाटीदार ने अपने प्रदर्शन से भी बहुत अच्छा प्रदर्शन कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया और विराट कोहली का प्रदर्शन हमेशा की तरह शानदार रहा और उसी का नतीजा यह निकला कि टीम का स्क्वाड एकदम परफेक्ट हो गया तेज गेंदबाज और अच्छे स्पिनर की बदौलत टीम एकदम विजेता दिखने लगी,टीम ने अपने साथ पडिक्कल और वेंकटेश अय्यर को टीम के साथ जोड़ा और भुवनेश्वर कुमार के साथ चेन्नई से हटाए गए आस्ट्रेलियाई तेज और स्विंग गेंदबाज हेजलवुड और उपयोगी रसिख सलाम डार, तथा यजुर्वेद चहल, तथा कुणाल पांड्या के साथ टीम ने पूरे टूर्नामेंट में चैम्पियन की तरह खेला। टूर्नामेंट की शुरूआत से ही लग रहा था कि आर.सी. बी. ही चैम्पियन होगी और टीम ने चैम्पियन की तरह ही फाइनल खेल कर जीता, हालांकि गुजरात की टीम फाइनल में पहुंची जरूर, लेकिन बल्लेबाज शुभमन गिल, सुदर्शन और बटलर के अलावा उनके पास तेज गेंदबाज रबाडा और मोहम्मद सिराज ही थे। अच्छी टीम राजस्थान रायल्स थी,लेकिन दुर्भाग्य से वह फाइनल में नहीं पहुंच सके, फाइनल में 155 रन का पीछा रायल चैलेंजर्स बैंगलोर ने पीछा तेज शुरुआत की और विराट कोहली नाबाद 75 रन बनाए। रसिख डार ने तीन और भुवनेश्वर ने दो विकेट लिए हेजलवुड ने भी दो विकेट लिया। विजेता कप्तान रजत पाटीदार को 20 करोंड और ट्राफी मिली। बहुमूल्य खिलाड़ी विराट कोहली और मैन ऑफ द टूर्नामेंट का इनाम आरेंज कैप वैभव सूर्य वंशी को मिला ,जिन्होने पूरे टूर्नामेंट में 776 रन बनाए और रबाडा को उनके सबसे अधिक 29 विकेट के लिए पर्पल कैप का इनाम मिला। बंगलौर की टीम ने गुजरात के 155 रन के जबाव में 18 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 161 रन बनाकर जीत हासिल की।-सम्पादकीय-News51.in
