कल मुंबई की बेहद मज़बूत टीम जिसमें कम से कम 5 या 6 इंटर नेशनल खिलाडी भी हैं,अपने से काफी कमजोर टीम से अबतक की सबसे बुरी हार हारी है,लगभग 100 रन से . इसके अलावा जो भारतीय खिलाड़ी कप्तान बने हैं वो भी अपनी प्रतिभा के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं दसों टीम के कप्तान भारतीय खिलाड़ी ही हैं इनमें सिर्फ श्रेयस अय्यर, रजत पाटीदार और ईशान किसन को छोड़कर बाकी 7 टीमों के कप्तान अबतक अपनी प्रतिभा के अनुरूप नहीं खेल सके हैंइनमें हार्दिक पांडया और ऋतुराज गायकवाड, अक्षर पटेल और रियान पराग शामिल हैंइनमें हार्दिक पांडया 7 मैचों में मात्र 97 रन.और ऋतुराज गायकवाड इतने ही मैंचों में 104 रन ही बनाये हैं चूंकि बुमराह, हार्दिक, जैसे खिलाडीयों को हटाया नहीं जा सकता,नये खिलाड़ी अश्विन कुमार, तिलक वर्मा अच्छा खेल रहे हैं,रोहित शर्मा का न खेल पाना भी टीम की कमजोरी बनी हुई है.चेन्नई की टीम ऋतुराज गायकवाड के आफ फार्म होना भी चिंता का विषय बना हुआ है,मैनेजमेंट चाहे तो संजू सैमसन को कप्तान बना सकता है वहीं ऋतुराज गायकवाड दो विकेट गिरने पर आ सकते हैं क्योंकि ऋतुराज गायकवाड के ओपनिंग करने से चेन्नई की टीम शुरुआती 6 ओवर का लाभ नहीं ले पाती,टीम में दो धीमें बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड और सरफराज का एक साथ खेलना उचित नहीं है,उनके स्थान पर उर्विल पटेल या प्रशांत वीर को खिलाया जा सकता है सात मैचों में एकमात्र अर्धशतक लगाकार टीम में अभीतक सरफराज खेल रहे हैं। रही बालिंग की बात, तो टीम का बालिंग कम्बोनिशन खलील अहमद के घायल होने के बाद मुकेश चौधरी के आने से टीम का बालिंग काफी अच्छा बन गया है,अब नूर अहमद भी पहले की अपेक्षाकृत धीमी और अच्छे लाईन लेंथ पर बालिंग कर रहे हैं टीम में सबसे खराब बालिंग प्रदर्शन खलील अहमद का ही था अकील अहमद अब ज्यादा प्रभावी दिखे।-सम्पादकीय- News51.in
