क्वार्टर फाइनल की ही तरह अंतिम समय तक पीछे रहने वाली अर्जेन्टीना की टीम अपने कप्तान लियोन मेसी के अंतिम बीस मिनट में शानदार खेल दिखाते हुए क्वार्टर फाइनल और अब सेमीफाइनल में इंग्लैंड की टीम पर विजय हासिल कर फाइनल में पहुंच गई है।अर्जेन्टीना की टीम अपने कप्तान के इर्द-गिर्द ही विपक्षी टीम पर हमले की योजना बनाती है, इसीलिए हर टीम मेसी को घेर कर खेलती है इसीलिए शायद मेसी भी अब ज्यादातर गेंद पाते ही साथी खिलाड़ियों की तरफ बढा देते हैं और हर हमले के पीछे लेकिन दिमाग मेसी का ही रहता है,आप टीवी पर मैच देखिए तो मेसी ज्यादा भाग-दौड भी न कर अपनी उर्जा को बचाए रखते हैं, बिल्कुल मैराडोना की तरह, 1986 के बाद मैराडोना भी अपनी शक्ति को कम भाग-दौड कर बचाए रखते थे लेकिन गोल पोस्ट के पास आते ही उनके अंदर गजब की जादुई उर्जा आ जाती थी, अब मेसी भी उसी शैली में खेल रहे हैं । जिस स्पेन की टीम से फाइनल होना है, उसके सुपर स्टार खिलाड़ी लामिने यमाल मेसी की गोद में खेले हैं और उनकी उम्र मात्र 19 वर्ष है, जब कि मेसी लगभग 40 वर्ष के है।-सम्पादकीय-News51.in
