आने वाले एक साल के अंदर देश के सात राज्यों में विधान सभा के चुनाव होने वाले हैं इनमें पंजाब, गोवा उत्तर प्रदेश ,उत्तराखंड, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश, गुजरात में विधान सभा चुनाव होंगे। इनमें हिमांचल में कांग्रेस की सरकार है और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार और शेष पांच प्रदेशों में भाजपा की सरकार है इनमें कांग्रेस पार्टी को हिमांचल में अपनी सरकार बचानी है और पंजाब में माहौल आम आदमी पार्टी के खिलाफ लोगों में है यहां भाजपा नहीं बल्कि कांग्रेस पार्टी के पक्ष में लोगों में लोगों का झुकाव भी दिख रहा है,अब आप इसे निकाय चुनाव जो सम्पन्न हुए हैं,उनसे जोड़कर न देखें, क्योंकि सभी जानते हैं कि निकाय चुनाव राज्य सरकार के दबाव में होते हैं, ऐसा सभी राज्यों में होता है ,यह भी सच है कि प्रदेश अध्यक्ष राजा वेडिंग अब तक अपने राज्य में हुए किसी भी चुनाव में न तो पार्टी नेताओं को एकजुट रखने में सफल रहे हैं,न ही कोई कमाल ही दिखा पाये हैं,बल्कि पार्टी में कई बन गए हैं और सभी गुट दूसरे गुट को हराने में लगा है राहुल गांधी के गुडबुक में राजा वेडिंग हैं लेकिन उन्हे अपने किसी खास को बचाने के चक्कर में पार्टी का नुकसान कर जाना बुद्धिमानी नहीं है ऐसे में ऐसे नेता को प्रदेश अध्यक्ष पद दें,जो सबको लेकर साथ चल सके और जिसकी जनता में भी अच्छी शाख हो, मैने इसके पूर्व लेख में यह लिखा था कि वहां की जनता में अभी भी लोगों को लगता है कि चरणजीत सिंह चन्नी को पर्याप्त समय मुख्य मंत्री के रूप में काम करने का नहीं मिल पाया था,लेकिन वह कम समय में भी अपनी छाप छोड़ गए थे और दूसरा नाम राणा गुरूजीत सिंह, जो पंजाब में शुगर किंग नाम से जाने जाते हैं और उन्होने अपनी संगठन क्षमता को भी साबित किया है और अपने क्षेत्र मे निकाय चुनाव में ,50 में से 31 सीटें जीती थीं बल्कि अपने बेटे को भी आम आदमी पार्टी की आंधी में विधान सभा का चुनाव भी जितवाया था और जट्ट सिख भी हैंसबको साथ लेकर चल सकते हैं,उनको तोड़ने की भी काफी कोशिश हुई थी, ईडी और सीबीआई जांच का सामना उन्हे करना पड़ा था, लेकिन न वह पार्टी छोड़े, नही डरे कांग्रेस नेतृत्व चाहे तो किसी को भी मुख्य मंत्री का चेहरा न घोषित करे ,लेकिन राणा गुरूजीत सिंह को कांग्रेस अध्यक्ष और चरणजीत सिंह चन्नी को कैम्पेन कमेटी का अध्यक्ष बना कर चुनाव में उतर सकती है। लेकिन सबको साथ लेकर पूरे प्रदेश में यात्रा इस मनोनयन के बाद ही करे, राजा वेडिंग को बहुत परख लिया गया अब चुनाव में उतरना है,तो एक अच्छी टीम के साथ उतरे, तो ज्यादा फायदेमंद साबित होगा। हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी शैलजा को हाथ मिलाकर दिल मिलवाने की गलती यहां राहुल गांधी न करें, राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट को साथ लाने का भी अंजाम राहुल गांधी देख चुक हैं-सम्पादकीय-News51.in
