टी-20 के कई टूर्नामेंट जीतने के बाद मात्र एक हार पर बौखलाए पुराने क्रिकेट खिलाड़ी ,क्रिकेट के तथाकथित जानकार पंडित और मीडिया इतना हो-हल्ला क्यों कर रही है, जब इन्ही खिलाड़ियों ने पूर्व में तमाम टी-20 टूर्नामेंट जिताते हैं,तब यही लोग इन खिलाड़ियों का इतना गुणगान करते हैं,मानों ये खिलाड़ी नहीं,महामानव हैं। क्रिकेट में सभी टीमों के साथ ऐसा होता है कि पूरी टीम कोलैप्स कर जाती है कल भारतीय टीम का एक ऐसा ही दिन था।दरअसल यह टी-20 का विश्व कप है,शायद इसीलिए हल्ला ज्यादा हो रहा है,हमें हल्ला मचाने के बजाय टीम की कमियों पर ध्यान देने की जरूरत है।टीम की बड़ी कमजोरी रहे अक्षर पटेल के बजाय वाशिंग्टन सुंदर को खिलाना,जो बालिंग और बल्लेबाजी दोनों में विफल रहे, गनीमत यह रही कि लीग मैच में ही वह खराब दिन निकल गया।एक बात और निकल कर सामने आ रही है, भारतीय टीम की अच्छे आफ स्पिनर खेलने की क्षमता पर।दूसरे अभी हाल ही में दक्षिण अफ्रीकन टीम पर इंडिया की विजय ने भी भारतीय टीम को गफलत में डाले रखा। लेकिन आश्चर्यजनक ढंग से कमाल किया दक्षिण अफ्रीका के दो तेज गेंदबाजों लुंगी नगिदी और कार्बिन वास ने, लुंगी नगिदी की अबूझ स्लोवर ने जहां भारतीय खिलाड़ियों की नींद उडाये रखी वहीं कार्बिन वास ने भी अपनी गेंदबाजी से भारतीय खिलाडियों को रन रेट में भारतीय टीम को दबाये रखा, खुलकर खेलने में खिलाड़ी अपना विकेट गंवाते रहे, वहीं कप्तान मार्करम ने गेंदबाजों का इस्तेमाल बहुत बढिंया किया। अब आप इसी से अंदाजा लगा लें कि लुंगी नगिदी ने अपने चार ओवर में मात्र 15 रन दिये वहीं कार्बिन वास ने 3 ओवर में मात्र 12 रन दिये और 2 विकेट भी हासिल किया, नतीजन भारतीय खिलाड़ी रन रेट बढाने के चक्कर में केशव महराज को 3 विकेट दे बैठे येनसेन यूं तो अच्छे आलराउंडर खिलाड़ी हैं,ने3.5 ओवर में 4 विकेट मात्र 22 रन देकर प्राप्त किया,एक विकेट मार्करम ने इशान किशन का पाया, मेरे अनुसार जो टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली ,मात्र वाशिंग्टन सुंदर के स्थान पर अक्षर पटेल को खेलना चाहिए, टीम में अन्य बदलाव की गुंजाइश नहीं दिखती, अब देखना है टीम मैनेजमेंट किसे अगले मैच में खिलाता है और किसे नहीं?-सम्पादकीय-News51.in
