Saturday, August 1, 2026
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ग्रीन लैंड से ट्रंप को बचाने की यूरोपीय देशों की एकजुटता का उड़ा मजाक, ब्रिटेन ने मात्र एक सैनिक भेजा ,इटली ने कहा,ये क्या मजाक है,सात यूरोपीय देशों ने भेजे मात्र 40 सैनिक

ग्रीन लैंड को अमेरिकी राष्ट्र पति से बचाने के लिए यूरोपीय देशों की एकजुटता का दावा मजाक बनकर रह गया है अब तक 7 यूरोपीय देशों ने मात्र 40 सैनिक ही अबतक भेजे हैं,जिसपर इटली ने इसे मजाक बताया है, ऐसा लगता है कि सभी यूरोपीय देश डोनाल्ड ट्रंप के खौफ से डरकर अपने सैनिक गग्रीन लैंड की सुरक्षा में भेजने में आनाकानी कर रहे हैंरॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक डेनमार्क, नॉर्वे, फिनलैंड, स्वीडन, जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड्स और ब्रिटेन जैसे NATO देशों ने मिलकर ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस नाम से जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया है। ये सैनिक इसी में शामिल होने पहुंचे हैं।

इस पूरे सैन्य अभ्यास पर सवाल उठाते हुए इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेत्तो ने इसे एक मजाक करार दिया है।


ग्रीनलैंड में बड़े पैमाने पर सैनिकों के तैनाती की संभावना

डेनमार्क पहले से ग्रीनलैंड में करीब 200 सैनिक तैनात किए हुए है। इसके अलावा 14 सदस्यीय सीरियस डॉग स्लेज पेट्रोल भी वहां मौजूद है, जो आर्कटिक इलाकों में गश्त करते हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि आने वाले दिनों में इन्हें जमीन, हवा और समुद्र के जरिए और मजबूत किया जाएगा। यह संख्या छोटी है, लेकिन यह राजनीतिक संदेश देने के लिए है कि NATO एकजुट है।नाटो के कुछ देशों पोलैंड ,इटली और तुर्किये ने अपने देश से सैनिक भेजने से इंकार कर दिया है ग्रीन लैंड डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है और ग्रीन लैंड की न तो अपनी कोई सेना है, नही विदेश नीति है और उसकी जनसंख्या मात्र लगभग 57000 है2009 के बाद ही ग्रीन लैंड को अपनी तटीय सुरक्षा और कुछ विदेश नीति पर छूट मिली है, लेकिन रक्षा और विदेश नीति की जिम्मेदारी मुख्यतया डेनमार्क के पास ही है-सम्पादकीय-News51.in

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