Monday, March 4, 2024
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मनीष सिसौदिया की गिरफ्तारी,सरकारी खजाने को 144 करोड़ का नुक्सान पहुंचाने और भ्रष्टाचार का मुख्य आरोप और इसके राजनीतिक मायने

आखिरकार दिल्ली के उप मुख्यमंत्री को आबकारी नीति घोटाले में गिरफातार कर लिया गया ,जिसकी आशंका की जारही थी। नयी आबकारी नीति को अंतिम रूप देने वाली मंत्रीमंडल समूह का प्रमुख होने के कारण भी इनकी जिम्मेदारी बनती थी।सिसौदिया के तत्कालीन सचिव और डानिक्स अधिकारी सी. अरविंद नेएजेंसी को बताया था कि किसी भी बैठक में होलसेलर को 12 प्रतिशत को लाभ देने की चर्चा नहीं हुई थी।सी. अरविंद के अनुसार फोन कर सिसौदिया ने उन्हे मुख्यमंत्री आवास बुलाकर सत्येंद्र जैन की मौजूदगी में एक नोट देकर उसी के आधार पर रिपोर्ट बनाने को कहा था जिसमें होलसेलर को 12 प्रतिशत का लाभ देने का जिक्र था सीबीआई के अनुसार इसी 12 प्रतिशत का आधा यानि 6 प्रतिशत कमीशन नकद आम आदमी पार्टी के पास जाता था।दक्षिण की लाबी ने 100 करोड़ रूपये का एडवांस इसी 6प्रतिशत कमीशन के एवज में दिया था।साथ ही नयी शराब नीति लागू होने से पहले शराब कम्पनियों के पास कैसे पहुंच गयी ,इन दोनों बातों का जबाब सिसौदिया नहीं देपाये सीबीआई ने सिसौदिया के सामने वाटस एप पर लीक किए गये आबकारी नीति के स्क्रीन शाट दिखाये,सिसौदिया के पास कोई जबाब नहीं था। साथ ही सिसौदिया ने अपने कयी मोबाईल सबूत छिपाने के लिए नष्ट कर दिये ,उन सभी मोबाईल नम्बरों और हैंडसेट कीजानकारी सीबीआई के पास है।सिसौदिया विभिन्न लोगों के नाम से खरीदे गये हैंडसेट और सिमकार्ड से कुल 5 मोबाईल का उपयोग करते थे। खरीदने वालों ने भी बताया है कि ये सिसौदिया के लिये ही खरीदे गये थे सबसे बडी़ बात ये कि सभी मोबाईल वापस न कर नष्ट कर दिये गये हैं सिसौदिया के खासमखास दिनेश अरोडा़ का सरकारी गवाह बनना भीबडा़ झटका रहा जिसने अपने बयान में 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया और घोटाले का पर्दाफाश किया।यह कहा जा सकता है कि सिसौदिया के तत्कालीन सचिव सी. अरविंद और सरकारी गवाह दिनेश अरोडा़ ने सीबीआई या किसी अन्य के दबाव में बयान दिया है या दिलवाया गया है तो भी अगर सीबीआई सबूतों के साथ आरोप न्यायालय के सामने सिद्ध करने में सफल हो जाती है तो न सिर्फ सिसौदिया बल्कि अपने आपको सबसे साफ पाक बताने वाली आम आदमी पार्टी और अपने को सबसे ईमानदार बताने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए सबसे बुरी स्थिति आने वाली है अभी तक तो केजरीवाल और उनकी पार्टी लोगों को यह बतलाने में लगी है कि यह बदले की भावना और बदनाम करने की नियत से केंद्र सरकार ने यह कार्यवाही की है। सम्पादकीय-News51.in

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