Sunday, May 26, 2024
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बच्चीयो के अभिभावक और उनकी सामाजिक बेडिया

आप लाख कह ले, सरकार लाख ढिंढोरा पीट ले समाज लाख “लडका लड़की एक समान “का नारा गढ ले ,लेकिन आज के भारतीय समाज मे तेजी से बढ़ती जा रही लडकियो के प्रति नयी पीढ़ी के नौजवानो की(एक अलग श्रेणी के नौजवानो)सोच हमे, समाज को,सरकार को(लाख प्रयास के बाद भी)बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर देती है ।बच्चीयो के अभिभावक भले ही कहे कि हम अपने बच्चो(लडको -लडकियो)मे कोई भेद नही समझते है तो शायद वह अपने साथ -साथ अपने मित्रो, रिश्तेदारो,शुभ चितको को भी भ्रमित करते है ।हम अपने को सामाजिक जकड़न से निकल नही पा रहे है नतीजा ऐसे लफगो,लुहेडो,तथा इंसान के रूप मे घूम रहे हैवानो के हौसले बुलंद होने ही है । आजमगढ मे रानी की सराय थानान्तर्गत बाजार मे कोचिंग संचालक चन्द्र शेखर यादव का हाई स्कूल की छात्रा से अश्लीलता करने का वीडियो वायरल होने पर भी परिजनो ने सामाजिक बदनामी के डर से कोई रिपोर्ट दर्ज न कराना कायरता की निशानी है ।वह तो भला हो रानी की सराय के थानाध्यक्ष श्री शिवशंकर सिंह का जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी समझ स्वतः संज्ञान मे लेकर कोचिंग संचालक के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराया ।कोचिंग संचालक फरार है ।हो सकता है छात्रा के परिजनो की बुदजिली के चलते वह मुकदमे से छूट भी जाय। चन्द्रशेखर कोचिंग के अलावा हेमन्त इन्टर कालेज मे मैथ का टीचर भी है और भी न जाने कितनी छात्राओ का उसने शोषण किया हो।यह तो गिरफ्तारी के बाद पूछताछ मे पता चलेगा ।अगर ऐसे ही अभिभावक सामाजिक डर से अपने बच्चो पर बीती घटना को छिपाते फिरेंगे तो वहशियो के हौसले बुलंद होते रहेंगे ।क्योंकि थानाध्यक्ष शिव शंकर सिंह जी की तरह स्वयम तनकर अपराध के खिलाफ कम अधिकारी होते है ।

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