Saturday, July 13, 2024
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पं0कमलापति त्रिपाठी -एक महान शख्सियत

पंडित कमला पति त्रिपाठी का जन्म 3सितम्बर 1905 को परम्परा गत सनातनी हिंदू परिवार में ऋषि पंचमी के दिन हुआ था जब वो हिंदू विश्व विद्यालय से पीयूषी कर रहे थे तभीमहात्मा गांधी के भाषण और उनके आंदोलन से प्रेरित होकर स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलन में कूद पड़े और क ई बार जेल भी जाना पड़ा। उन्होंने “आज” और “संसार” नामक दैनिक समाचार पत्रों में पत्रकार की हैसियत से कार्य किया बाद में ” द टैब्लो इडस “नामक पत्रिका के सम्पादक भी रहे। उनके पांच बच्चे ( 3लड़के और दो लड़कियां) थीं सबसे बड़े लोक पति त्रिपाठी थे जो उत्तर प्रदेश कांग्रेस में मंत्री भी रहे। कांग्रेस पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष भी रहे। देश की आजादी के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कांग्रेस सरकार में क ई विभागों के मंत्री रहते हुए बाद में प्रदेश के मुख्यमंत्री भी बने उन्हीं के कारण बनारस से दिल्ली के बीच क ई ट्रेन भी उन्ही के प्रयासों से चली। उन्हीं में काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस भी दिल्ली तक चली। रेलवे का कैंसर अस्पताल भी उन्होंने ही बनवाया ।वो सदैव डा0 सम्पूर्णानन्द शहर दक्षिणी से चुनाव लड़ते थे लेकिन उन्होंने कभी प्रचार नहीं करते थे उनका कहना था मेरा काम मुझे जिताएगा। वाराणसी कैंट स्टेशन का विस्तार भी उन्होंने ही करवाया था। बाद में केन्द्र में रेल मंत्री रहकर देश की सेवा की और सफल रेल मंत्री रहे। चंदौली में नहरों का जाल बिछा दिया जिसके कारण चंदौली को “धान का कटोरा “नाम दिया गया। अपने जवानी के दिनों में लक्सा थाने के समीप पान की दुकान उनका अड्डा हुआ करती थी। सारे दोस्त यार वहीं शाम गुजारते थे। उन्हे पूर्वांचल के विकास का मसीहा भी कहा जाता है। 8 अक्टूबर 1990 में उन्होंने शरीर त्याग दिए।

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