Saturday, April 20, 2024
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RSS की तारीफ़, पी. एम मोदी का बचाव और गुणगान, क्या अबतक विरोध का नकली मुखौटा पहने थीं ममता बनर्जी ?

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सोमवार को विधान सभा में केंद्रीय ऐजेंसीयों सीबीआई और ईडी के दुरूपयोग के खिलाफ लाए गए निंदा प्रस्ताव पर जहाँ एक ओर प्रधान मंत्री मोदी की जमकर तारीफ की वहीं केंद्रीय ऐजेंसीयों के इस्तेमाल के लिए भाजपा के लोकल नेताओं का हाथ बताया और कहा मुझे नहीं लगता कि प्रधान मंत्री मोदी का इन सब के पीछे कोई हाथ है ,साथ ही उन्होने प्रधान मंत्री मोदी से अपने नेताओं पर लगाम लगाने की अपील करते हुए यह आग्रह भी किया कि केंद्र सरकार का एजेंडा और उनकी पार्टी के हित आपस में न टकरायें। अभी कुछ ही दिन पूर्व उन्होंने आर. एस एस. की भी तारीफ करते हुए कहा था कि उसमें सभी लोग खराब लोग नहीं हैं और क ई लोग भाजपा का समर्थन नहीं करते हैं। ओबैसी ने अपनी ने भी ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने 2003 में RSS को देश भक्त कहा था, बदले में RSS ने ममता बनर्जी को दुर्गा कहा था वैसे टीएमसी का यह निंदा प्रस्ताव पक्ष में 189 तथा विपक्ष में 69 के मत से पारित हुआ जिसका भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने विरोध करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव विधान सभा के नियमों के विपरीत है। ममता बनर्जी के बयान के बाद वामदलऔर कांग्रेस के नेताओं ने ममता बनर्जी की भाजपा से मिली भगत का आरोप लगाते हुए कहा ये पहले से ही हमें मालूम था कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी बेनकाब हो गई है कभी कट्टरपंथी हिंदुओं और कभी मुस्लिमों को रिझाती हैं।

कांग्रेस को कमज़ोर कर ममता बनर्जी भाजपा की मदद करने का प्रयास कर रही हैं अब ममता बनर्जी का असल चेहरा आ गया है। पूर्व में अटल जी की सरकार में भी टीएमसी शामिल थी। क्या टीएमसी नेताओं की जांच की आंच ममता बनर्जी तक आने लगी है या नीतिश कुमार के ( विपक्षी नेता के पीएम बनने की चाहत से आहत) आने से ममता बनर्जी नाखुश हैं, जो भी है इस अचानक पैंतरेबाजी का कारण सिर्फ ममता बनर्जी ही जानती हैं।

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