क्या काकरोच जनता पार्टी के फाउंडर नेताओं की जनता पार्टी से गंठजोड़ भाजपा से हो चुका है और क्या इसके लिए धन मुहैया आम आदमी पार्टी द्वारा किया जा रहा है,कारण आम आदमी पार्टी में ये सभी पहले थे और केजरीवाल इन सभी के साथ पहले से है, और कांग्रेस से खार खाये केजरीवाल और भाजपा दोनों हैं।अब यह बात मैं यूं हीं नहीं कह रहा हूं, अब इसकी शुरुआत से अभिजीत दीपके के दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने की घटना से करते हैं, जहां अभिजीत दीपके के पहुंचते ही दिल्ली पुलिस के अधिकारी दलबल के साथ अभिजीत का स्वागत करते हैं, और फिर वहींपर उसे जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने की इजाजत देदी जाती है फिर जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट होता है और 20 तारीख को लाखों की जुटी भीड़ में छात्र-छात्राओं की जमकर कील लगी लाठीडंडों से पिटाई, आंसू गैस के गोले दागे गए, सैकड़ों छात्र-छात्राएं घायल हुए, लेकिन अभिजीत दीपके, आशुतोषे रांका और सौरभ दास को एक खरोंच भी नहीं लगा, और दूसरे दिन अभिजीत दीपके बुखार होने का ट्विट कर गायब हो गया, अब 10अक्टूबर की बात करें , जिसमें सभी दल के लोग, जिसमें आइसा, एएसआईफ के लोगों के साथ नेहा बोरा जो एक दिन पूर्व ही गिरफ्तारी के डर से अंडर ग्राउंड हो गई थीं, भी आकर प्रोटेस्ट में शामिल हो गई थीं, सिविल सोसाइटी के नेता योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण व अन्य के साथ ममता बनर्जी,डिम्पल यादव, अखिलेश यादव, केरल के पूर्व मुख्य मंत्री , अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह व उनके साथी भी रहे थे और पीट-पीटकर लोगों को गिरफ्तार किया जा रह, जब सारे लोगों को घर से पकड़ा जा रहा था, तब यह तीनों दिल्ली पुलिस को तीन दिन पहले जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की सूचना देकर दिल्ली से गायब हो गए, और 10अक्टूबर को बम्बई से प्लेन पर तब चढे, जबकि वह जान चुके थे कि अब समय से हमलोग जंतर-मंतर पर नहीं पहुंच सकेंगे, तो अभिजीत दीपके ने एक्स पर पोस्ट किया कि हम लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है और हम लोगों के गिरफ्तार होने के बाद आंजिक्य ही अब लीड करेंगें, आप लोग उनसे संपर्क करें, जब कि आंजिक्य को कोई जानता भी नहीं, जब कि अभिजीत दीपके ने कांग्रेस छोड़कर सभी दलों और सिविल सोसाइटी के नेताओं को एक जुट कर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने के लिए संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस भी की थी और फिर दिल्ली से गायब हो गए, फिर 10 अक्टूबर को वह जान गए थे कि प्रोटेस्ट में नहीं पहुंच पायेंगे, तब तीनों मुम्बई से दिल्ली पहुंचे, उन्हे यह मालूम हो गया था कि दिल्ली एयरपोर्ट पर ही उन्हे गिरफ्तार कर लिया जायेगा ,वह सब यही चाहते भी थे, फिलहाल एयरपोर्ट पर उन्हे दिखावे के लिए जहाज के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया गया।आपने 10 अक्टूबर को प्रोटेस्ट की काल प्रेस कांफ्रेंस कर कही और कमाल की बात ये रही कि उन लोगों को तीन दिन मे प्रोटेस्ट देना ही असंवैधानिक था क्योंकि प्रोटेस्ट के लिए 10 दिन पहले दिल्ली पुलिस को नोटिस देनी होती है, अन्यथा यह प्रोटेस्ट ही असंवैधानिक माना जाता, वही हुआ भी, कहां तो नेहा बोरा की तरह ही आपको भी अपने काकरोच साथियों को मैदान में डंटे रहने के लिए एकजुट करना था, कहां आप तीनों खुद ही मैदान छोड़कर भाग गए ,जहां 7-9 तक कांग्रेस के नेताओं(राहुल गांधीं, प्रियंका गांधी सहित बुज़ुर्ग अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे) सहित तमाम नेताओं ने तीनों दिन चोटें खाईं, गिरफ्तारी दी, नेहाबोरा जैसी जांबाज शेरनी ने भी लगातार चोटें खाई, लगातार गिरफ्तारी दीं, वही हाल सिविल सोसाइटी के योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और अन्य सभी दल के नेताओं ने अपनी गिरफ्तारी दी, लेकिन बेहद चालांकी से यह तीनों आराम से गिरफ्तार हुए,और गिरफ्तारी के समय उन्होने कहा भी कि हम गिरफ्तार होने ही आरहे इसी के साथ यह भी बताना आवश्यक है, कि यूट्यूबर ध्रुव राठी जर्मनी से भारत आये थे काकरोच जनता पार्टी का समर्थन और प्रोटेस्ट में शामिल होने , लेकिन बंगलौर के एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दिल्ली आये और सीधे अपने घर गुडग़ांव चले गए और वहीं से गिरफ्तार कर लिए गए। पिछले महीने 20 तारीख के बाद से इन तीनों काकरोचों का सिवाय मोबाइल पर मैसेज तक ही सीमित रहने के अलावा कुछ भी नहीं किया था, वहीं कांग्रेस के नेता राहुल गांधीं चार-पांच महीने से जेन जी के समर्थन में छात्रों की गूंज कार्यक्रम चला रहे थे , जो काफी सफल भी रहा।-सम्पादकीय-News51.in
क्या कॉकरोच जनता पार्टी क्या सत्ता दल की प्राक्सी है, क्यों उनके फाउंडर अभिजीत दीपके, सौरभ दास और अभिषेक रांका सभी दलों की एकजुट कर 10 अक्टूबर को बड़ा प्रोटेस्ट जंतर-मंतर पर करने का दावा कर, ये तीनों तीन दिन पहले ही दिल्ली से गा
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