अब तक यूपी में कांग्रेस को अकेले ढोने वाली सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की ताकत को कई गुना बढा दिया है साथ ही इस बार होने वाले विधान सभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को भाजपा के मुकाबले कुछ बेहतर पोजीशन में ला दिया है।स्वंयम अखिलेश यादव जी भी अपनी पार्टी के संगठन को मज़बूत करने के साथ ही जिलों के दौरे कर रहे हैं, कांग्रेस के लगातार मजबूत होने से निष्क्रिय होकर घर बैठे पुराने कांग्रेसी भी उत्साहित होकर सड़क पर निकल रहे हैं, यह सब राहुल गांधी की ब्यूहरचना और संगठन सृजन अभियान में लगातार युवाओं की भागेदारी और उन पुरानों को हटाने की कोशिशों का ही नतीजा है, जो अब तक ऐसी रूम में बैठकर रणनीतियां बनाते थे और यह समझते थे कि इस जिले या प्रदेश में मेरे बगैर कांग्रेस नहीं के बराबर है, अब लोगों का परफार्मेंस तथा सड़क पर लड़ाई लड़कर कांग्रेस को मज़बूत करने वाले आगे लाये जा रहे हैं और काम न करने वालों को पदविहीन कर दिया जा रहा है। प्रदेश प्रभारी जो स्वंयम भी अध्यक्ष अजय राय के साथ लगातार मेहनत कर रहे हैं, और सितम्बर के अंत तक यूपी कांग्रेस का संगठन का कम पूरा हो जाएगा। भारी मात्रा में कांग्रेस में शामिल हौने वाली भीड़ कांग्रेस के लिए सुखद है, और ऐसा लगता है अक्टूबर में अखिलेश यादव और राहुल गांधी के बीच बातचीत कर सीटों की बातें भी फाइनल हो जाएगी, साथ ही किस-किस सीट पर कांग्रेस लड़ेगी, और किस-किस पर अखिलेश यादव की सपा लड़ेगी, तयं हो जाएगा।-सम्पादकीय-News51.in
