यूं तो स्थानीय निकाय चुनाव जिस दल की सरकार रहती है, वो चुनाव जीतने के लिए हर हथकंडे अपनाता है, लेकिन राजस्थान में जब भी भाजपा की सरकार रहती है तो उसकी बम्पर जीत होती है, लेकिन इस बार ऐसा पूरी तरह नहीं हो पाया। यहां यह बताना जरूरी है कि स्थानीय निकाय चुनाव किसी पार्टी के सिम्बल पर नहीं होते ,और चूंकि यह माना जाता है कि शहरी मतदाताओं का झुकाव ज्यादातर भाजपा के फेवर वाले होते हैं, इस चुनाव में कुल 309 स्थानीय निकाय चुनाव में 10244 वार्डों में से कुल 4177,और कांग्रेस की 3604 वार्डों में जीत हासिल हुई है, वहीं निर्दलीय प्रत्याशियों ने2273 वार्डों में जीत हासिल की है, इनमें भारी संख्या में भाजपा और कांग्रेस दोनों के बागी शामिल हैं, इसके अलावा बीएसपी ने भी लगभग 294 प्रत्याशियों को उतारा था, जिनमें उसने 19 वार्डों में जीत हासिल की है मेयर के कुल 10 महानगरों में 5 पर भाजपा ने जीत हासिल की है वहीं कांग्रेस ने 4 एक पर निर्दलियों ने जीत हासिल की है वहीं आम आदमी पार्टी ने बारां में 31 सीटें जीत कर पूर्ण बहुमत प्राप्त किया, वहीं झालावाड में आम आदमी पार्टी को 10 वार्डों में जीत मिली, झालावाड बसुंन्धरा राजे की मज़बूत पकड़ वाली जगह है, वहां कांग्रेस ने बम्पर जीत हासिल की, इस चुनाव में भाजपा कुछ आगे जरूर है, मगर उसे भारी झटका लगा है, जबकि राजस्थान में भाजपा की सरकार है, अब चुनाव तो निपट गए और अब जोड़-तोड़ का प्रयास भी चालू हो गया है-सम्पादकीय-News51.in
