आज की पीढी अजय शर्मा को नहीं जानती होगी,61 वर्षीय अजय शर्मा दिल्ली क्रिकेट टीम के आल राउंडर थे और भारतीय टीम में आने के प्रबल दावेदार थे,लेकिन उस समय स्पिन आलराउंडर रवी शास्त्री अपने चरम पर थे और उनपर सुनील गावस्कर का वरद-हस्त भी था अजय शर्मा मात्र एक टेस्ट खेल पाये थे बाद में उनपर मैच फिक्सिंग के आरोप लगे और अजहरुद्दीन, अजय जडेजा के साथ उनपर भी प्रतिबंध लग गया बाद में दिल्ली की अदालत से2014 में बरी होने के बाद क्रिकेट में कोचिंग में हाथ डाला और जम्मू-कश्मीर की अंडर-19 की टीम के कोच बने, उनकी मेहनत देख2022 में जम्मू-कश्मीर की रणजी टीम के कोच नियुक्त हुए और अब उन्होने 8 बार की विजेता रणजी ट्राफी में कर्नाटक की मज़बूत टीम को हराकर अपनी प्रतिभा की मुहर लगवा ली, जम्मू-कश्मीर की टीम मेंअधिकांश खिलाड़ी अंडर -19 के हैं मात्र अब्दुल समद, युद्ध वीर के।कर्नाटक में के.एल. राहुल जैसे धुरंधर थे ,लेकिन नये तेज गेंदबाज आकिब नबी की स्विंग से कोई टीम पार नहीं पा सकी,रणजी ट्राफी की कुल 17 पारियों में 60 विकेट लेकर “प्लेयर आफ द टूर्नामेंट ” का खिताब भी जीता और फाइनल की पहली पारी में पांच विकेट भी लिया।जम्मू-कश्मीर में मात्र 2 क्रिकेट ग्राउंड है। कभी आंतकवाद और पत्थर बाजी के लिए कुख्यात जम्मू-कश्मीर की गलियों से क्रिकेट के इन धुरंधरों कप्तान पारा डोंगरा, सुनील कुमार, शुभम पुंडीर,अब्दुल समद और युद्ध वीर ने शानदार प्रदर्शन कर जम्मू-कश्मीर को जिस मुकाम पर पहुचाया है, उसी से प्रभावित होकर जम्मू-कश्मीर के मुख्य मंत्री ने न केवल टीम को 2 करोड रूपया देने की घोषणा की है, बल्कि सभी को सरकारी नौकरी भी देने का ऐलान कर दिया है-सम्पादकीय-News51.in
