शुरुआत से ही अध्यक्ष पद से हटने से लेकर भूपेन बोरा कांग्रेस से नाराज चल रहे थे और यह भी सच है कि जब भी चुनाव आता है तो नेताओं द्वारा दल-बदल होता रहता है लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने जिस तरह पार्टी छोड़ने पर भूपेन बोरा पर यह आरोप लगाया कि वह काफी समय से कांग्रेस की अंदरूनी सूचनायें असम के मुख्य मंत्री को पहुंचाते थे, वैसे असम के मुख्य मंत्री भी कई मौकों पर यह कह चुके हैं कि “मुझे कांग्रेस में क्या चल रहा है सब पता चल जाता है”और अगर भूपेन बोरा पहले कांग्रेस से इस्तीफा देते तो वह इम्पैक्ट भी नहीं होता, जो अब हुआ है और यह भी तय है कि वह 22 फरवरी को भाजपा में ही जायेंगे,चाहे वह कुछ भी कहें। अब दूसरी बात रकीबुल हसन की बहुत कांग्रेस में चलती है, यह मात्र साम्प्रदायिका को ध्यान में रखकर गढी गई है इसकी काट के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने भूपेन बोरा की जगह प्रियंका गांधी को चुनाव कैम्पेन कमेटी का चेयरमैन बनाकर असम भेजा गया है और उनके साथ कांग्रेस के चाणक्य डी.के.शिव कुमार को भी लगाया गया है। भाजपा भी असम के चुनाव की गम्भीरता को समझते हुए कल ही भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी असम पहुंचे हुए हैं, हालांकि भाजपा वहां असम में अभी कांग्रेस के मुकाबले मजबूत है लेकिन भाजपा किसी गफलत में नहीं रहना चाहती है, दूसरी तरफ पहली बार गम्भीरता से कांग्रेस भी अपने इस पुराने दुर्ग पर कब्जा करना चाहती है ताकि अन्य पूर्वोत्तर राज्यों पर भी इसका असर पड़ सके।-सम्पादकीय-News51.in
