Sunday, April 14, 2024
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राजनीति का नया चेहरा -चंद्र शेखर उर्फ रावण

भारतीय राजनीति में खासकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में दस्तक देने वाले चंद्र शेखर उर्फ रावण का जन्म 3 दिसम्बर 1986 में सहारन पुर में हुआ था। पेशे से अधिवक्ता और दलित बहुजन अधिकार कार्यकर्ता हैं और अम्बेडकर वादी हैं तथा भीम आर्मी के सह संस्थापक तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। फरवरी 2021 में टाईम पत्रिका ने 100 उभरते नेताओं की वार्षिक सूची में उन्हें शामिल किया है। लखन ऊ विश्व विद्यालय से शिक्षा और हेमवती नन्दन बहुगुणा विश्व विद्यालय गढवाल से एल एल बी की शिक्षा हासिल की। गोवर्धन दास और कमलेश देवी इनके पिता -माता हैं। इन्होने आजाद समाज पार्टी नामक राजनैतिक पार्टी की स्थापना की है। पहली बार उनका दल 2022 के उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव में लड़ने जा रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नए युवकों में उनका काफी क्रेज है 2017 में सहारनपुर के शब्बीर पुर गाँव में सवर्णों और दलितों के बीच हुई संघर्ष की घटना के समय पहली बार भीम आर्मी और चंद्र शेखर उर्फ रावण का नाम सामने आया था।कथित हिंसा में 25 दलितों के मकान जलाने तथा एक की मौत का मामला कथित तौर आया था हिंसा के बाद 9 म ई को चंद्र शेखर ने महा पंचायत बुलाई जिसकी परमीशन प्रशासन ने नहीं दी फिर भी सोशल मीडिया के जरिये लोगों को बुलाया गया। जिसमें कुछ कार्यकर्ताओं के साथ चंद्र शेखर उर्फ रावण गिरफ्तार हुए थे। “धड़काली वेलकम यू द ग्रेट चमार्स” इनके घर के बाहर लिखा था जिसपर भी काफी बवाल हुआ, बताया जाता है। भारत एकता मिशन भीम आर्मी इनके संगठन का पूरा नाम है सहारन पुर, शामली, मुजफ्फरनगर और आसपास के जिले में दलित युवा वर्ग के हीरो चंद्र शेखर उर्फ रावण हैं इसके अलावा भी पंजाब और हरियाणा के दलित युवाओं में इनका काफी क्रेज है अभी हाल में ही चंद्र शेखर उर्फ रावण ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी के विरुद्ध चुनाव लड़ने का एलान भी इन्होने किया है देखिये राजनीति में क्या-क्या गुल खिलते हैं। सम्पादकीय

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