Tuesday, April 23, 2024
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यूपी के दलित नेता और भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद को सरकार ने आखिर क्यों दी वाई + श्रेणी की सुरक्षा और क्या है इसके राजनीतिक मायने ?

मायावती के यूपी से राजनीतिक पतन के बाद राजनीति के यूपी फलक पर उभरते नौजवान और दलितों के आत्मरक्षार्थ और आत्मसम्मान की लडा़ई लड़ कर क ई बार जेलों में बंद रहने और लाठियां खाने वाले भीम आर्मी के संस्थापक भीम आर्मी पर हुआ कातिलाना हमले के, जिसमें उनकी पीठ को छिलते हुए एक गोली निकल ग ई थी और अस्पताल में उन्हे देखने प्रियंका गांधी भी गयी थीं, के क ई महीना बीतने के बाद अचानक ऐन लोकसभा चुनाव के पहले केंद्र सरकार द्वारा उन्हे वाई+ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गयी है जबकि वो विपक्षी गठबंधन इंडिया की तरफ से चुनाव लड़ने जा रहे हैं । वाई + सुरक्षा में 11 कमांडोज तैनात किये जाते हैं जिसमें पांच पुलिस के स्टैटिक जवान रहते हैं जो उनके घरऔर उसके आसपास की सुरक्षा ,6 पीएस ओ के जवान तीन शिफ्ट में काम करते हुए उनकी सुरक्षा करते हैं। भाजपा सरकार से उनकी टकराहट हमेशा होती रही है यूपी पुलिस में उन्होने अपने उपर जान के खतरे की रिपोर्ट भी दर्ज कराई है साथ ही योगी के खिलाफ उन्होने गोरखपुर से चुनाव भी लडा़ था हालांकि उनकी जमानत चली गयी थी ।मायावती उन्हे एकदम नापसंद करती हैं इधर जानकारों के अनुसार केंद्र की भाजपा सरकार से इनकी नजदीकी भी बढी है जिसके कारण इन्हे यह सुरक्षा ऐन लोकसभा चुनावों के पहले मिली है। चंद्रशेखर नगीना सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं ।- सम्पादकीय-News51.in

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