Sunday, May 26, 2024
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मैं कोई फरिश्ता नहीं ,इंसान हूं -चार्ली चैपलिन

मैं कोई फरिश्ता नही —- बस इंसान हूँ ——-

चार्ली चेपलिन ने सौ साल पहले यानी 1914 में ही पहली बार एक आवारा ( ट्रैप ) का रूप धारण किया था | लम्बे बूट , खुली पेन्ट तंग कोट , सिर पर हैट और हाथ में छड़ी लिए उसकी इस अप्रतिम छवि ने एक सदी तक लोगो का मनोरंजन किया है | इसे ‘ वन हंड्रेड ईयर्स आफ लाफ्टर ‘ भी कहा गया है |
चार्ली ने अपनी बेटी को एक ख़त लिखा था — आज आपके बीच साझा कर रहा हूँ —–

ख़त में छिपे जिन्दगी के सबक

मेरे प्यारी बेटी

रात का समय है | क्रिसमस की रात | मेरे इस छोटे – से घर की सभी निहत्थी लड़ाइया सो चुकी है | तुम्हारे भई और बहन भी नीद की गोद में है | तुम्हारी माँ भी सो चुकी है | मैं अधजगा हूँ , कमरे में धीमी – सी रौशनी है | तुम मुझेसे कितनी दूर हो पर यकीन मानो तुम्हारा चेहरा यदि किसी दिन मेरी आँखों के सामने न रहे , उस दिन मैं चाहूंगा कि मैं अंधा हो जाऊ | तुम्हारी फोटो . वहा उस मेज पर है और यहाँ मेरे दिल में भी पर तुम कहा हो ? वहा सपने जैसे भव्य शहर — पेरिस में ! चैम्प्स एलिसस के शानदार मंच पर नृत्य कर रही हो | इस रात के सन्नाटे में मैं तुम्हारे कदमो की आहट सुन सकता हूँ | सहित ऋतू के आकाश में टिमटिमाते तारो की चमक , मैं तुम्हारी आँखों में देख सकता हूँ | ऐसा लावण्य और इतना सुन्दर नृत्य | सितारा बनो और चमकती रहो | परन्तु यदि दर्शको का उत्साह और उनकी प्रशंसा तुम्हे मदहोश करती है या उनसे उपहार में मिले फूलो की सुगंध तुम्हारे सिर चढती है तो चुपके – से एक कोने में बैठकर मेरा खत पढ़ते हुए अपने दिल की आवाज सुनना |

मैं तुम्हारा पिता जिरलडाइन , मैं चार्ली , चार्ली चेपलिन !क्या तुम जानती हो जब तुम नन्ही बच्ची थी तो रात – रातभर मैं तुम्हारे सिरहाने बैठकर तुम्हे ‘ स्लीपिंग ब्यूटी ‘ की कहानी सुनाया करता था | मैं तुम्हारे सपनों का साक्षी हूँ | मैंने तुम्हारा भविष्य देखा है , मंच पर नाचती एक लडकी मानो आसमान में उडती परी — लोगो की करतल ध्वनी के बीच उनकी प्रशंसा के ये शब्द सुने है , ” इस लडकी को देखो ! वह एक बूढ़े विदूषक की बेटी है , याद है उसका नाम चार्ली था ” |
हाँ ! मैं चार्ली हूँ ! बुधा विदूषक ! अब तुम्हारी बारी है ! मैं फटी पेंट में नाचा करता था और मेरी राजकुमारी ! तुम रेशम की खुबसूरत ड्रेस में नाचती हो | ये नृत्य और ये शाबाशी तुम्हे सातवे आसमान पर ले जाने जाने के लिए सक्षम है | उडो और उड़ो — पर ध्यान रखना कि तुम्हारे पाँव सदा धरती पर टिके रहे | तुम्हे लोगो की जिन्दगी को करीब से देखना चाहिए — गलियों — बाजारों में नाच दिखाते नर्तको को देखो जो कडकडाती सर्दी और भूख से तड़प रहे है | मैं भी उन जैसा था , ” जिरल्डाइन ” ! उन जादुई रातो में जब मैं तुम्हे लोरी गा – गाकर सुलाया करता था और तुम नीद में डूब जाती थी , उस वक्त मैं जागता रहता था | मैं तुम्हारे चेहरे को निहारता , तुम्हारे हृदय की धडकनों को सुनता और सोचता , चार्ली ! क्या यह बच्ची तुम्हे कभी जन सकेगी ? उम मुझे नही जानती , जिरल्डाइन! मैंने तुम्हे अनगिनत कहानिया सुनाई है पर ‘ उसकी कहानी कभी नही सुने | वह कहानी भी रोचक है | यह उस भूखे विदूषक की कहानी है , जो लन्दन की गंदी बस्तियों में नाच — गा कर अपनी रोजी कमाता था | यह मेरी कहानी है | मैं जानता हूँ पेट की भूख किसे कहते है ! मैं जानता हूँ कि सिर पर छत न होने का क्या दंश होता है | मैंने देखा है , मदद के लिए उछाले गये सिक्को से उसके आत्म — सम्मानं को छलनी होते हुए पर फिर भी मैं ज़िंदा हूँ , इसीलिए फिलहाल इस बात को यही छोड़ते है |

तुम्हारे बारे में ही बात करना उचित होगा जिरल्डाइन! तुम्हारे नाम के बाद मेरा नाम आता है चेपलिन ! इस नाम के साथ मैंने चालीस वर्षो से भी अधिक समय तक लोगो का मनोरंजन किया पर हँसने से अधिक मैं रोया हूँ | जिस दुनिया में तुम रहती हो वहा नाच — गाने के अतिरिक्त कुछ नही है | आधी रात के बाद जब तुम थियेटर से बाहर आओगी तो तुम अपने समृद्द और सम्पन्न चाहने वालो को तो भूल सकती हो , पर जिस टैक्सी में बैठकर तुम अपने घर तक आओ , उस टैक्सी ड्राइवर से यह पूछना मत भूलना कि उसकी पत्नी कैसी है ? यदि वह उम्मीद से है तो क्या अजन्मे बच्चे के नन्हे कपड़ो के लिए उसके पास पैसे है ? उसकी जेब में कुछ पैसे डालना न भूलना | मैंने तुम्हारे खर्च के लिए पैसे बैंक में जमा करवा दिए है , सोच समझकर खर्च करना |

कभी कभार बसों में जाना , सबसे से गुजरना , कभी पैदल चलकर शहर में घूमना | लोगो को ध्यान से देखना , विधवाओं और अनाथो को दया — दृष्टि से देखना | कम से कम दिन में एक बार खुद से यह अवश्य कहना कि , मैं भी उन जैसी हूँ | हाँ ! तुम उनमे से ही एक हो बेटी !

कला किसी कलाकार को पंख देने से पहले उसके पांवो को लहुलुहान जरुर करती है | यदि किसी दिन तुम्हे लगने लगे कि तुम अपने दर्शको से बड़ी हो तो उसी दिन मंच छोड़कर भाग जाना , टैक्सी पकड़ना और पेरिस के किसी भी कोने में चली जाना | मैं जानता हूँ कि वहा तुम्हे अपने जैसी कितनी नृत्यागनाए मिलेगी — तुमसे भी अधिक सुन्दर और प्रतिभावान फर्क सिर्फ इतना है कि उनके पास थियेटर की चकाचौध और चमकीली रौशनी नही | उनकी सर्चलाईट चन्द्रमा है ! अगर तुम्हे लगे कि इनमे से कोई तुमसे अच्छा नृत्य करती है तो तुम नृत्य छोड़ देना | हमेशा कोई न कोई बेहतर होता है , इसे स्वीकार करना | आगे बढ़ते रहना और निरंतर सीखते रहना ही तो कला है |

मैं मर जाउंगा , तुम जीवित रहोगी | मैं चाहता हूँ तुम्हे कभी गरीबी का एहसास न हो | इस खत के साथ मैं तुम्हे चेकबुक भी भेज रहा हूँ ताकि तुम अपनी मर्जी से क्रच कर सको | पर दो सिक्के खर्च करने के बाद सोचना कि तुम्हारे हाथ में पकड़ा तीसरा सिक्का तुम्हारा नही है — यह उस अज्ञात व्यक्ति का है जिसे इसकी बेहद जरूरत है | ऐसे इंसान को तुम आसानी से ढूढ़ सकती ओ , बीएस पहचानने के लिए एक नजर की जरूरत है | मैं पैसे की इसलिए बात कर रहा हूँ कयोकि मैं इस राक्षस की ताकत को जानता हूँ |
हो सकता है किसी रोज कोई राजकुमार तुम्हारा दीवाना हो जाए | अपने खुबसूरत दिल का सौदा सिर्फ बाहरी चमक — दमक पर न कर बैठना | याद रखना कि सबसे बड़ा हीरा तो सूरज है जो सबके लिए चमकता है |
हाँ ! जब ऐसा समय आये कि तुम किसी से प्यार करने लगो तो उसे अपने पुरे दिल से प्यार करना | मैंने तुम्हारी माँ को इस विषय में तुम्हे लिखने को कहा था | वह प्यार के सम्बन्ध में मुझसे अधिक जानती है |

मैं जानता हूँ कि तुम्हारा काम कठिन है | तुम्हारा बदन रेशमी कपड़ो से ढका है पर कला खुलने के बाद ही सामने आती है | मैं बुधा हो गया हूँ | हो सकता है मेरे शब्द तुम्हे हास्यास्पद जान पड़े पर मेरे विचार में तुम्हारे अनावृत शरीर का अधिकारी वही हो सकता है जो तुम्हारी अनावृत आत्मा की सच्चाई का सम्मानं करने का सामर्थ्य रखता हो |
मैं ये भी जानता हूँ कि एक पिता और उसकी सन्तान के बीच सदैव अंतहीन तनाव बना रहता है पर विशवास करना मुझे अत्यधिक आज्ञाकारी बच्चे पसंद नही | मैं सचमुच चाहता हूँ कि इस क्रिसमस की रात कोई करिश्मा हो ताकि जो मैं कहना चाहता हूँ वह सब तुम अच्छी तरह समझ जाओ |
चार्ली अब बुधा हो चुका है , जिरल्डाइन! देर स्वर मातम के काले कपड़ो में तुम्हे मेरी कब्र पर आना ही पड़ेगा मैं तुम्हे विचलित नही करना चाहता पर समय — समय पर खुद को आईने में देखना उसमे तुम्हे मेरा ही अक्स नजर आयेगा | तुम्हारी धमनियों में मेरा रक्त प्रवाहित है | जब मेरी धमनियों में बहने वाला रक्त जम जाएगा तब तुम्हारी धमनियों में बहने वाला रक्त तुम्हे मेरी याद कराएगा | यद् रखना , तुम्हारा पिता कोई फरिश्ता नही , कोई जीनियस नही , वह तो जिन्दगी भर एक इंसान बनने की ही कोशिश करता रहा ! तुम भी यही कोशिश करना |
ढेर सरे प्यार के साथ — — चार्ली क्रिसमस 1965

सुनील दत्ता कबीर — स्वतंत्र पत्रकार – दस्तावेजी प्रेस छायाकार आभार — अहा ! जिन्दगी से

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