Monday, April 22, 2024
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पांच राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनाव में पहले2017 के चुनावी वादों के बोझ तले दबी भाजपा

पांच राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनावके मतदान सात फेज में हो रहे हैं और आज दूसरे फेज का मतदान समाप्त हो जाएगा। इसमें उत्तराखंड और गोवा राज्य का सम्पूर्ण मतदान आज ही सम्पन्न हो जाएगा। उसके पश्चात 20 फरवरी को पंजाब में मतदान सम्पन्न हो जाएगा। उत्तर प्रदेश में सात फेज में मतदान होना है और सातवें और अंतिम फेज का मतदान 7 मार्च को होगा।

इस प्रकार हम अगर राज्य वार चुनावी माहौल पर एक नज़र अलग- अलग देखें तो पार्टियों की स्थिति बेहतर अंदाजा हो जाएगा। सबसे पहले गोवा की बात करते हैं वहां कुल 40।विधान सभा की सीट है 2017 के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को 17 और भाजपा को 13 सीटें मिली थी अन्य को 10 सीट मिली थी। तब भाजपा ने कांग्रेस में तोड़ फोड़ कर और अन्य की सहायता से अपनी सरकार बना ली थी। इस बार कांग्रेस ने पिछली गलतियों से सबक लेकर पी. चिदंम्बरम को प्रभारी बना कर वहां अपनी स्थिति को मजबूत किया और ऐसा दिख रहा है कि 21-24 सीटें कांग्रेस को और 11-13 सीट भाजपा तथा 5-6 सीट अन्य को मिल रही है। यही स्थिति उत्तराखंड की है वहां चुनाव से पहले 3 मुख्य मंत्री बदले गए लेकिन उत्तराखंड की जनता में भाजपा के प्रति भारी नाराजगी है इसी कारण तमाम नेता जो कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में गये थे कांग्रेस में वापस आ गए और कांग्रेस की अगुवाई कद्दावर नेता हरीश रावत के हाथ में दिया गया है। यहां कुल 70 विधान सभा की सीटें हैं और 2017 के चुनाव में यहाँ 57 सीट भाजपा और कांग्रेस को 11 तथा अन्य को 2 सीट मिली थी किंतु इस बारभाजपा को 18-24 सीट और कांग्रेस को 44-48 सीट मिलने का अनुमान है। अन्य को 1-3 सीट मिलने का अनुमान है इसी तरह मणिपुर में भी 2017 में जहां विधान सभा की कुल 60 सीटें हैं वहाँ 2017 के चुनाव में 28 सीट कांग्रेस को, 21 सीट भाजपा को और अन्य को 11 सीटें मिली थी वहां पर भी गोवा की भांति भाजपा ने अन्य और कांग्रेस के विधायकों को तोड़ कर भाजपा ने अपनी सरकार बना ली थी। इस बार लगता है कि भाजपा को 22-24और कांग्रेस को 27-29 तथा अन्य को 8-10 सीट मिल सकती है। रही बात पंजाब की तो वहाँ पिछली बार भी भाजपा कोई ताकत नहीं थी इस बार भी कमोबेश वही स्थिति है अलबत्ता आम आदमी पार्टी वहाँ पिछली बार अच्छा प्रदर्शन कर 20 सीटें प्राप्त की थी। इस बार भी कांग्रेस के मुकाबले में भी वही थी और कुछ समय पहले तक वह बेहद मजबूती से लड़ रही थी। पंजाब में विधान सभा की कुल 117 सीटें हैं 2017 के चुनाव में कांग्रेस को 77,आम आदमी पार्टी को 20और को मिली थी ।इस बार के चुनाव में चरण जीत सिंह चन्नी को कांग्रेस ने और भगवंत सिंह मान को आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है बस यहीं पर आम आदमी पार्टी कांग्रेस के मुकाबले थोड़ी पीछे हो गई है कांग्रेस को 66-70 सीट, आम आदमी पार्टी को 32-36 सीट, अकाली दल जो इस बार भाजपा के साथ गठबंधन कर चुनाव नहीं लड़ रही है 14-16 सीट, भाजपा जो इसबार अमरिंदर सिंह की पार्टी के साथ गठबंधन कर लड़ रही है 1-3सीट,और अन्य 1-3 सीट पा सकते हैं।

पांचवां सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश है यहां विधान सभा की कुल 403 सीट है पिछले 2017 के चुनाव में भाजपा को 312 और सहयोगियों के साथ 325 सीटों पर चुनाव जीता था 40 सपा, 19 बसपा तथा कांग्रेस को 7 सीट मिली थी किंतु यहाँ इस ऐसा प्रतीत होता है कि जनता में आक्रोश के कारण सत्ता परिवर्तन सपा, रोलोद गठबंधन के पक्ष में जाता दिख रहा है। भाजपा 170 से अधिक सीट पाती नहीं मिल रही है और और सपा गठबंधन 200-210 , कांग्रेस 25-35 और बसपा को20-25 सीट मिल सकती है।

इन पांचो राज्यों में से चार राज्य में भाजपा की सरकार थी और 2017 के चुनाव में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की चरम पर लोकप्रियता थी इसके अलावा उन्होंने ऐसे -ऐसे वादे जनता से किये, राममंदिर तथा क ई अन्य कारक थे जिनकी बदौलत 325 सीट भाजपा गठबंधन को मिली थी और विपक्ष का सूपड़ा साफ हो गया था अलबत्ता मणिपुर और गोवा में कम सीट पाने के बाद भी भाजपा सरकार बनाने में सफल रही थी। किंतु इस बार महंगाई, बेरोजगारी, किसान आंदोलन, महिला सुरक्षा और सबसे बढकर पांच साल पहले जनता से किये गये वादे पूर्ण न होने का खामियाजा भाजपा को शायद पांचों राज्यों में हार से चुकाना पड़ सकता है। —-सम्पादकीय

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