Saturday, July 13, 2024
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चुनावी चर्चा -6 (तीसरा चरण, 23 अप्रैल, कुल 115 सीट)

दो चरण मे जिन राज्यों में एक ही चरण में सम्पूर्ण सीटों पर मतदान हुआ उनकी चर्चा पूर्व में की जा चुकी है। आज हम तीसरे चरण 23 अप्रैल को ही एक चरण में जिन राज्यों में सभी सीटों पर मतदान होना है उनपर चर्चा करेंगे।
23 अप्रैल को गुजरात की सभी 26 सीटों पर, केरल की सभी 20 सीटों पर, गोवा की सभी 2सीटों पर मतदान होना है इसके अलावा केंद्र शासित राज्य दादर नागर हवेली की एक मात्र सीट (आरक्षित) तथा दमनदीप की इकलौती सीट पर मतदान होना है।
1-दादर नागर हवेली -यहां की इकलौती लोकसभा सीट पर भाजपा के वर्तमान सांसद नाथू भाई गोमन भाई पटेल 2009 और 2014 दोनों बार सांसद चुने गए। हालांकि उनका कार्य काल साधारण रहा है। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मोहन भाई सांझी भाई तेलकर को हरा कर जीता था। वहाँ पर प्रधानमंत्री मोदी की कयी केंद्र की योजना और मेडिकल कालेज बनवाने के कारण इस बार भी भाजपा प्रत्याशी की स्थिति बेहतर है हालांकि कांग्रेस ने नया प्रत्याशी उतार कर चुनाव में भाजपा को कडी चुनौती पेश कर रही है।
2-दादर दीप- यह केंद्र शासित राज्य है लगभग एक लाख 15 हजार की मतदाताओं वाली सीट पर 1987 से यहां लोकसभा चुनाव आरम्भ हुआ है। अब तक चार बार कांग्रेस, चार बार भाजपा और एक बार निर्दल प्रत्याशी विजयी रहा है। यहाँ पर भाजपा के लालू भाई बाबू भाई पटेल वर्तमान सांसद हैं उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी को लगभग 9 हजार वोटों से हरा कर चुनाव जीता था। यहाँ लगभग 70 प्रतिशत गुजराती हैं।
3- गुजरात -गुजरात में लोकसभा की सभी 26 सीटों पर तीसरे चरण में यानि 23 अप्रैल को ही मतदान होना है। पिछले कई वर्षों से गुजरात भाजपा का गढ बना हुआ है किंतु पिछले विधान सभा चुनाव में राहुल गांधी के धुंआधार प्रचार के बाद कांग्रेस ने भाजपा को कडी टक्कर दी थी और भाजपा को चुनाव जीतने के लिए नाको चने चबाने पड़े थे। हार्दिक पटेल, जिग्नेश मेवानी और अल्पेश ठाकुर जैसे युवा नेताओं का भी उसमें बड़ा योगदान था। अल्पेश ठाकोर को कांग्रेस आलाकमान द्वारा विशेष महत्व न मिलने के बाद कांग्रेस छोड़ना पड़ा।उधर हार्दिक पटेल कांग्रेस में शामिल हो गए और कांग्रेस ने उन्हें लोकसभा का टिकट भी दे दिया किंतु सजा के कारण उनकी उम्मीदवारी खत्म हो गई। भाजपा के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की चुनावी रैली में जमकर हंगामा कर उनका विरोध कर रहे हैं। कुछ कांग्रेसी विधायक और नेताओं को कांग्रेस से तोड़ कर भाजपा में शामिल कराया गया। एक दो को लोकसभा का टिकट भी दे दिया गया। पिछले 2014 के लोकसभा के चुनाव में भाजपा को गुजरात की सभी 26 सीटों पर विजय हासिल हुई थी। किंतु इस बार इसे दोहरा पाना लगभग असंभव है लोगों से मिली जानकारी और स्त्रोतों से जानकारी के अनुसार कांग्रेस गुजरात में 8-10
सीट पर जीत सकती है। और भाजपा 16-18 सीटें पा सकती है। फिलहाल फैसला जनता के हाथ में है।
4-गोवा- गोवा भारत में 1961 में शामिल हुआ था। तब इसे दो लोकसभा सीटों दक्षिणी गोवा और उत्तरी गोवा में बांटा गया था। पिछले लोकसभा चुनाव में गोवा की दोनों लोकसभा सीट पर भाजपा चुनाव जीती थी। दक्षिण गोवा में भाजपा के नरेंद्र केशव सवाइकर चुनाव जीते थे। दक्षिणी गोवा में कोंकणी और मराठी के साथ पुर्तगाली और अंग्रेजी भाषा बोली जाती है और यह कांग्रेस का गढ रहा है। नरेंद्र केशव के काम काज से यहां के लोगों में भारी रोष है यहां की क्षेत्रीय पार्टी महाराष्ट्र गोमांन्तक पार्टी के विधायकों को तोड़ने सेपार्टी में भारी रोष है इस बार नरेंद्र केशव का यहां से चुनाव जीतना काफी मुश्किल लग रहा है।
रही बात उत्तर गोवा की तो इसे पहले पणजी कहा जाता था। यहाँ 2014 का लोकसभा चुनाव भाजपा के श्री पद ऐशो नायक ने लगभग 56 प्रतिशत वोट पाकर चुनाव जीता था और केंद्र में मंत्री भी बने। उन्होंने एनसीपी के उम्मीदवार को हराया था। इस बार भी उनके फिर से चुनाव जीतने की संभावना है। हां अगर एनसीपी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लडें तभी भाजपा उम्मीदवार को टक्कर दे पायेंगे। समस्त सूचना और जानकारी के अनुसार गोवा दक्षिण की सीट कांग्रेस और उत्तर की सीट भाजपा के जीतने की संभावना है।
5- केरल- केरल में 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 20 में से 11 सीट प्राप्त हुई थी और बाकी पर वाम समर्थक पार्टीयों का। वर्तमान समय में वहां वामदलों की सरकार है यहां भाजपा के लिए एक सीट भी जीत पाना सम्भव नहीं है वहाँ कांग्रेस समर्थक दलों और वाममोर्चा के बीच ही मुकाबला होता रहा है।
इस बार वायनाड से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के चुनाव लडने की खबर से वाममोर्चा बेहद नाराज रहा क्योंकि यह वामदलों का यह पश्चिम बंगाल हाथ से निकलने के बाद आखिरी ठिकाना था और राहुल गांधी के आने से वह भी दरकने का खतरा था और हो भी यही रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नामांकन के बाद केरल में वाममोर्चा में हडकम्प मचा है लगता है वायनाड का असर पूरे केरल में पड़ा है। यहाँ अनुमान के अनुसार वाममोर्चा अगर दो सीट भी बचा ले तो बड़ी बात मानी जाएगी।
सम्पादकीय —-
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