Sunday, March 3, 2024
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क्या मल्लिकार्जुन खड़गे जी को इंडिया के सभी घटक दलों को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर स्वीकार्य होंगे ?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सम्भवतः कांग्रेस समेत सभी इंडिया के घटक दलों को प्रधानमंत्री पद के तौर पर उम्मीदवारी स्वीकार्य होगी क्योंकि देश में किसी दलित नेता को सम्भवतः पहली बार खरगे जी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाएगा । इससे पहले नीतिश कुमार ने इंडिया गठबंधन की शुरूआत की थी तो शायद इसके पीछे उनकी मंशा यह थी कि सभी घटक दल उन्हे आसानी से इंडिया गठबंधन का संयोजक मान लेगी लेकिन प्रधान मंत्री का सपना पाले ममता बनर्जी ने केजरीवाल को मिलाकर मल्लिकार्जुन खरगे जी का नाम आगे यह सोचकर बढा दिया कि खरगे जी इंकार करदेंगे और फिर मेरा संयोजक बनना समय की बात रहेगी लेकिन खरगेजी ने यह कर बात खत्म कर दी कि चुनाव बाद देखा जाएगा। इस तरह एक तरफ तो नीतिश कुमार को लगा कि प्रधानमंत्री बनने का सपना देखने के चक्कर में मुख्यमंत्री पद भी न चला जाय ।तो उन्होने भाजपा का दामन थाम लिया दूसरी तरफ भारत जोडो़ न्याय यात्रा का पश्चिम बंगाल में राहुल गांधी के स्वागत में उमडी़ भीड़ विशेषकर अल्पसंख्यकों की भीड़ और राहुल गांधी के प्रति उनके लगाव से आहत ममता बनर्जी ने तो जैसे कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा हीखोल दिया। क ई जगहों पर राहुल की यात्रा रोकी गयी तृणमूल के कार्यकर्ताओं ने राहुल के खिलाफ नारेबाजी, पोस्टर फाड़ने जैसी घटना पत्थरबाजी आदि तो हुई ही कांग्रेस को 40 सीट न जीतने वाली पार्टी बताते हुए वाराणसी में मोदी को हराकर दिखायें जैसी भाषा का इस्तेमाल किया और पहले दो सीट बाद एक भी सीट न देने की बात कर आगे बातचीत से भी इंकार कर दिया।मल्लिकार्जुन खड़गे को कांग्रेस सहित सभी इंडिया घटक के नेता सहमत हो जाएंगे क्योंकि वह दलित नेता होने के अलावा एक राष्ट्रीय दल के अध्यक्ष भी हैं और सभी दलों के नेता उनका सम्मान करते हैं शायद ही कोईदल।उनकी उम्मीदवारी का विरोध करेगा। बल्कि उनकी प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी का लाभ सभी इंडिया के घटक दलों को होगा।जिस प्रकार प्रधानमंत्री मोदी जी ने 2014 में गुजरात के बडो़दरा के साथ ही यूपी के वाराणसी से चुनाव लड़कर भाजपा को यूपी और बिहार में काफी लाभ पिछडो़ं का वोट अपने पाले लाकर किया था वाराणसी बिहार के पास ही है और शायद कांग्रेस भी यही तरीका अपनाने वाली है मल्लिकार्जुन खड़गे जी को कर्नाटक के गुलबर्गा के अलावा यूपी और बिहार से सटे किसी इलाके से मल्लिकार्जुन खड़गे जी को प्रधानमंत्री पद का इंडिया गठबंधन का प्रत्याशी बताकर लोकसभा चुनाव लड़वा सकती है और यूपी महाराष्ट्र के साथ बिहार और पंजाब में उनका ज्यादा से ज्यादा प्रचार करवा सकती है इसका सीधा फायदा कांग्रेस के साथ इंडिया के घटक दलों को भी पूरे भारत में होगा यह तय है इसलिए शायद ही इंडिया के किसी घटक दल को उनकी उम्मीदवारी पर कोई विरोध होगा। वैसे हार जीत तो राजनीति में लगी रहती है और क्या होगा भविष्य के गर्भ में है लेकिन तब मुकाबला दिलचस्प हो गा इतना तय है। सम्पादकीय-News51.in

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