Tuesday, April 23, 2024
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कांग्रेस को बड़े राज्यों यूपी में एक अध्यक्ष के साथ चार जोन अध्यक्ष, बंगाल में एक अध्यक्ष के साथ तीन जोन अध्यक्ष और बिहार में एक अध्यक्ष के साथ दो जोन अध्यक्ष बनाना होगा ।

एक बात तो तय है कि कांग्रेस जब तक जहां क्षेत्रीय पार्टीयों का सरकारें हैं। उनके खिलाफ जबरदस्त लड़ाई सड़क पर उतर कर नहीं लड़ेगी और नरम रवैया बनाये रखेगी तबतक भाजपा के मुकाबले खुद को खड़ा नहीं कर पायेगी। उदाहरण आपके सामने है दिल्ली में आम आदमी पार्टी, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, तेलंगाना में के चंद्र शेखर राव, बिहार में राजद और उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा। इन सभी के साथ गठबंधन करना या भाजपा को हराने के लिए दिल्ली, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा तथा तेलंगाना में क्षेत्रीय दलों को वाक ओवर देना आज कांग्रेस के लिए कितना घातक हो गया है कि अब यही दल आंखे दिखा रहे हैं। और पार्टी को भाव नहीं दे रहे हैं। एक कहावत है कि जब आप मजबूत रहेंगे तो विरोधी भी सम्मान करेगा और आप कमजोर होंगे तो अपना भी साथ छोड़ कर चला जायेगा। उत्तर प्रदेश में पार्टी का ढांचा अभी प्रियंका गांधी ने खड़ा किया है लेकिन जनता को यह विश्वास दिलाना होगा कि वही भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर हरा सकती है चूंकि कांग्रेस यूपी में कमजोर है तो उसेमजबूत प्रदेश अध्यक्ष के साथ पश्चिमी यूपी मध्य यूपी पूर्वांचल में और बुंदेलखंड के लिए अलग -अलग चार जोन अध्यक्ष भी प्रदेश अध्यक्ष की मदद के लिए देना होगा। इसी प्रकार पश्चिम बंगाल में मजबूत प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति कर उनकी मदद के लिए 3 जोन अध्यक्ष की और बिहार में दो जोन अध्यक्ष की नियुक्ति करना होगा और हर महीने उनके परफारमेंस की समीक्षा बैठक करनी होगी जैसे कि भाजपा में प्रायः होता रहता है। अन्य राज्यों में भी जहां संगठन कमजोर हो, तत्काल संगठन की मजबूती पर ध्यान देना होगा। तभी आप भाजपा के मुकाबले में आ सकते हैं। भाजपा का संगठन बेहद मजबूत है वहां हमेशा बैठक चलती रहती है और कमजोर कड़ियों को दुरूस्त किया जाता है। सिर्फ शीर्ष नेतृत्व को ही नहीं सभी नेताओं को एक जुट होना होगा बेबात पार्टी विरोधी गतिविधि करने वाले और बयान बाजी करने वालों के साथ भी सख्ती से निपटना होगा, तभी पार्टी का पुनरोदय हो सकेगा।

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