Tuesday, April 23, 2024
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कांग्रेस के ये युवा , जिन्हे अगर कांग्रेस आला कमान ने सम्भाल कर रखा, तो ये भविष्य के सितारे और पार्टी के क ई तरह से आगे बढाने और सत्ता में लाने में सहायक हो सकते हैं-जैसे डीके शिवकुमार, रेवंत रेड्डी,राजीव रंजन उर्फ पप्पू यादव, कन्हैया कुमार, सुखविंदर सिंह सुक्खू,चरणजीत सिंह चन्नी

यह तो आप सभी जानते ही होंगे कि कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भले ही हैं लेकिन उन्होने जो मजबूती आज कांग्रेस को कर्नाटक में दी है वैसी हाल के 8-10 वर्षों नहीं थी उन्होने न केवल कर्नाटक में कांग्रेस को मजबूती दी है बल्कि कांग्रेस के संकट मोचन भी बने हुए हैं हाल ही में आए हिमांचल सरकार पर संकट के समय जो निर्णय किया उससे कांग्रेस सरकार पर से न केवल गिरने काखतरा समाप्त हुआ बल्कि अब वहां कुछ निर्णय ऐसे लिए गये सरकार और मजबूत होकर लोकसभा चुनाव में नये उत्साह से लबरेज होकर संगठित हो ग यी है। वहीं उनके ही कारण दक्षिण के अन्य राज्यों जैसे आंध्र प्रदेश और तेलंगाना आदि में मजबूती दी है उन्ही के प्रयासों से दिवंगत वाईएस आर की बेटी शर्मिला ने अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में किया बल्कि आंध्र में कांग्रेस की सेनापति बनकर अपने भाई मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी के खिलाफ लडा़ई लड़ रही हैं जिसमें भी डीके मदद कर रहे हैं दूसरे हैं तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी हैं जो पहले संघ के सक्रिय सदस्य थे बाद में टीडीपी से सांसद भी बने बाद में राहुल गांधी ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हे कांग्रेस में लाकर तेलंगाना प्रदेश का अध्यक्ष बनाया उस समय तमाम कांग्रेस के बडे़ किंतु निष्क्रिय आराम तलब नेताओं ने राहुल की इस निर्णय का भारी विरोध किया कुछ नेताओं ने पार्टी भी छोड़ दिया था लेकिन राहुल अपने निर्णय पर अडिग रहे ।बाद में रेवंत रेड्डी ने अपनी मेहनत और पूरे प्रदेश का दौरा कर न केवल कांग्रेस को मजबूती दी नतीजा अजेय दिखने वाले के चंद्रशेखर राव की सरकार न केवल धराशाई हो ग यी बल्कि आज रेवंत रेड्डी ने के चंदरशेखर राव को अपनी पार्टी बचाने के लाले पडे़ हुए हैं । तीसरे हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू हैं ये भी राहुल गांधी की ही पसंद से मुख्यमंत्री बने हैं सुक्खू एन एस यू वाई से ही निकले हैं और बेहद इमानदार व्यक्ति है़ं और हिमांचल आपदा में उनकी मेहनत और प्रयासों से जल्द ही घाव भर गये हैं हां एक चूक उनसे हुई है उन्होने अपनी सरकार के नाक के नीचे अपनी ही पार्टी के विधायकों का विक्रमादित्य सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह की शह पर न केवल कांग्रेस के 6 विधायकों और 3 निर्दलिय विधायकों को मिलाकर कांग्रेस के राज्यसभा प्रत्याशी अभिषेक मनुवी को हरवाना बाद में सरकार गिराने के लिए प्रयास सुक्खु की भयंकर भूल थी हालांकि डीके शिवकुमार के प्रयास से मामला सम्भल गया जो सुखविंदर सिंह सुक्खू के लिए एक सबक भी है फिर तुरंत बाद सुक्खू सरकार द्वारा कयी ऐसी योजनाओं को तत्काल लागू किया गया जिसने उनकी सरकार को मजबूती देदी है दूसरी तरफ मंडी सीट से कंगना रनावत के लोकसभा प्रत्याशी बनाए जाने से भाजपा में नेताओं की भारी नाराजगी भी सुक्खू के लिए सम्भलन कर मजबूती से खडा़ कर दिया है चौथे राजीव रंजन उर्फ पप्पू यादव जो हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए हैं उनकी पत्नी रंजीता रंजन कांग्रेस में पहले से हैं हालांकि उन्हे लालू यादव ने पूर्णिया से कांग्रेस का टिकट मिलने के पहले ही बीमा भारती को राजद से टिकट दे दिया। दर असल लालू यादव बहुत ही दूरंदेशी नेता हैं।और खतरे को पहले से भांप लेते हैं वह जानते हैं कि अगर पप्पू यादव पूर्णिया से पप्पू यादव कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर जीत जाते हैं तो उन्हे कांग्रेस भविष्य में बिहार की कमान सौंप सकती है जो लालू परिवार के लिए खतरे की घंटी होती और कांग्रेस बिहार के ड्राइंग रूम की शोभा बढाने वाले अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने पप्पू यादव के कांग्रेस में आने कि विरोध किया वह कन्हैया कुमार को टिकट नहीं दिलवाना चाहते क्योंकि अखिलेश प्रसाद सिंह और उनके जैसे आरामतलब नेता जो लालू की कृपा पर अपनी नेतागिरी चला रहे हैं ऐसे नेता जमीनी और मेहनती नेताओं यथा पप्पू यादव और कन्हैया कुमार जैसों के खिलाफ कांग्रेस के कांगरेस अध्यक्ष और उनकी मंडली लालू के सहयोग से किसी भी तरह लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं लेने देना चाहते और तो और अखिलेश पने पुत्र को टिकट दिलाना चाहते हैं अब यह राहुल गांधी पर है कि ऐसे नेताओं की सुरक्षा करें उनके हितों का ध्यान रखे अन्यथा यह कहावत सही साबित होगी कि कांग्रेसी नेता ही कांग्रेस की दुश्मन हैं राहुल गांधी के लिए यह एक सुनहरा मौका है कि प्पू यादव और कन्हैया कुमार जैसे नेताओं के पक्ष में मजबूती से खडाँ रहकर कांग्रेस को बिहार में नये सिरे से खडा़ कर सकें अब बात कर लें इमरान प्रतापगढी की जो यूपी के शायर नेता हैं और मुस्लिम इलाकों में कांग्रेस की बात कर रहे हैं सबसे बडी़ बात है कि वह मुस्लिम होते हुए भी़ सेक्यूलर और उदारवादी नेता हैं और उनकी छवि हिंदू मुसलमानों में समान रूप से है -सम्पादकीय-News51.in

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