Saturday, July 13, 2024
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अब प्रशांत किशोर का कांग्रेस में बतौर रणनीति कार शामिल होना तय, सिर्फ गांधी परिवार के प्रति जवाबदेह ,जी -23 के नेताओं में हुड्डा के अलावा सभी फिसड्डी

एक बार पहले भी प्रशांत किशोर और कांग्रेस आलाकमान के बीच बातचीत हुई थी लेकिन तब और इस बार में फर्क सिर्फ इतना रहा था कि तब प्रशांत किशोर ने फ्री हैंड मांगा था यानि उनके द्वारा लिए गये फैसले पर कोई जवाब देही न हो। लेकिन इसबार ऐसा नहीं है। प्रशांत किशोर जो भी फैसला लेंगे उसके लिए उन्हें कांग्रेस आलाकमान की अनुमति लेनी होगी। लेकिन वह अपने निर्णयों के लिए कांग्रेस अध्यक्ष के अतिरिक्त किसी अन्य से अनुमति नहीं लेनी होगी। प्रशांत किशोर ने कांग्रेस आलाकमान के सामने जो प्रजेंटेशन भाजपा को हराने के लिए और विपक्ष की अगुवाई से सम्बंधित दिया है उससे कहीं न कहीं कांग्रेस आला कमान भी प्रभावित हुआ है लेकिन उसने प्रशांत किशोर को पार्टी में शामिल हो कर रणनीति बनाने का सुझाव दिया है जिसे प्रशांत किशोर ने भी सम्भवतः मान लिया है इसीलिए सोनियां गांधी ने ने इसे लेकर एक कमेटी भी गठित कर दी है। जो शीघ्र ही प्रशांत किशोर के पार्टी में शामिल होने को लेकर हरी झंडी दिखा देगी। कारण स्पष्ट है पांच राज्यों में करारी हार के बाद कांग्रेस को एक अच्छे रणनीति कार की जरुरत है वहीं प्रशांत किशोर भी लोकल पार्टीयों के लिए रणनीति बनाने में अपनी शक्ति जाया करने के बजाय कांग्रेस पार्टी को जीताने में अपनी रणनीति बनाने में अपनी शक्ति लगाना सही समझ रहे हैं, दोनों के लिए ही यह मेल-मिलाप ज्यादा लाभकारी और आवश्यक लग रहा है,जो सही भी है। कांग्रेस आलाकमान के सामने तीन चुनौती प्रमुख है। पहला असंतुष्टों का धड़ा जी- 23,जो अब कोई चुनौती नहीं रह गया है क्योंकि लोकतंत्र में जनता में ज्यादा लोकप्रिय नेता की ही पूछ होती है और भूपेंदर सिंह हुड्डा के अलावा असंतुष्ट जी- 23 के नेता बेहद शक्ति हीन हैं और भूपेंदर सिंह हुड्डा के पुत्र दीपेंदर हुड्डा को हरियाणा की कमान सौंपने के लिए प्रदेश अध्यक्ष शैलजा से इस्तीफा लिया जा चुका है। दूसरी समस्या राज्यों में कांग्रेस नेताओं में आपसी कलह। जिसके अनुशासन समिति ने भी अब कड़ा रूख अपनाते हुए अनावश्यक और कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने वाले बयान बाजों के खिलाफ नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है इसी कड़ी में चरनजीत सिंह चन्नी के विरूद्ध बयान देने वाले सुनील जाखड़ और उत्तराखंड के कांग्रेसी नेता को नोटिस जारी किया गया है। तीसरी सबसे प्रमुख विपक्षी एकता बनाते हुए भाजपा के खिलाफ मजबूती से चुनाव लड़ कर जीतने का प्रयास करना। इन सभी के लिए ही प्रशांत किशोर का जो प्रजेंटेशन पेश किया गया है उससे भी बताया जाता है कि सोनियां गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी तीनों ही काफी प्रभावित हुए हैं। और पूर्व में भी प्रशांत किशोर अपनी राजनैतिक कौशल से अपना लोहा मनवा चुके हैं। सम्पादकीय -News 51.in

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